अब निशुल्क होगा निजी अस्पतालों में भी सडक दुर्घटना में घायलों का उपचार

सड़क दुघर्टना में घायलों को निजी चिकित्सालय दें सुलभ उपचार
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने की निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

जयपुर, 12 जनवरी। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में सड़क दुघर्टनाओं में गंभीर रूप से घायलों को यथासमय उपचार उपलब्ध कराने के उद्धेश्य बैठक आयोजित की गयी। बैैठक में निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों के साथ राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के समन्वय में सड़क दुघर्टना पीड़ितों को गोल्डन आवर में तत्काल आवश्यक ईलाज सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

गुप्ता ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पं.परमानन्द कटारा बनाम भारत सरकार के मामले में दिये गये आदेशों के अनुसार सड़क दुघर्टना के समय पीड़ित व्यक्ति को किसी भी स्थिति में ईलाज से वंचित नहीं रखा जा सकता है एवं ऎसा करने पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया के द्वारा संबंधित चिकिसालय व चिकित्सक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है। इस मुहिम में नेशनल हाइवे ऑर्थाेरिटी ऑफ इण्डिया द्वारा संचालित एम्बूलेंस सेवा एवं 108 एम्बूलेंस सेवा के बीच समन्वय गोल्डन आवर में दुघर्टनाग्रस्त को तत्काल नजदीकी प्राइवेट या सरकारी अस्तपाल में ईलाज उपलब्घ करवाया जायेगा।

शासन सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि मेडिकल लीगल केसेज के लिए राज्य सरकार के स्तर पर नियमों में शिथिलीकरण पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत सड़क दुघर्टना मामलों के तहत् पीड़ित को लाभ मिले इसके लिए नये चिकित्सालयों को सूचीबद्ध करने पर भी चर्चा की गयी है। उन्होंने बताया कि अधिक दुघर्टना संभावित मार्गों पर स्थित अस्पतालों को चिन्हि्त करने पर चर्चा की गयी है।

बैठक में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ.वी.के.माथुर, अतिरिक्त निदेशक डॉ.रविप्रकाश सहित संबंधित अधिकारीगण तथा निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

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