सचिन पायलट पर बोले गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष को कुछ लोग दिखा रहे हैं मुख्यमंत्री का सपना

गहलोत ने सचिन पायलट पर साधा निशाना बेवजह प्रदेशाध्यक्ष को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट कर देते है

सीकर

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पालयट पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि कुछ लोग प्रदेशाध्यक्ष को सीएम के सपने दिखा देते है। बेवजह प्रदेशाध्यक्ष को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट कर देते है। इससे पार्टी का भी नुकसान होता है। शुक्रवार को सीकर आए गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौन है, यह बाद की बात है। पहले राज्य में कांग्रेस की सरकार तो आए। इसके बाद तय करेंगे मुख्यमंत्री कौन होगा। गहलोत ने वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष को कोई ऐसे सपने दिखा रहे है प्रश्र पर कहा कि मैं वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष की बात नहीं कर रहा हूं पहले जो भी प्रदेशाध्यक्ष बने उनके साथ ऐसा हो चुका है। मैने कभी मुख्यमंत्री के रूप में खुद को प्रोजेक्ट नहीं किया।

राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने पर तुली हुई है

सीकर में सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होते हुए गहलोत ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रिफाइनरी का पिछली कांग्रेस सरकार के समय उद्घाटन हो चुका है। दो कंपनियों के साथ करार भी हो गया। लेकिन अब भाजपा सरकार रिफाइनरी का दुबारा शिलान्यास कराने पर तुली है। इसमें प्रधानमंत्री को बुलाकर राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री पद की गरिमा को गिराने पर तुली है। एक पत्थर को लगाने के लिए प्रधानमंत्री को बुलाना गलत है। प्रधानमंत्री को खुद भी इस कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए।

सरकार से दुखी है आम आदमी

विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर डूडी ने कहा कि राज्य सरकार एक ओर चार साल के सफलतम कार्यकाल का जश्र मना रही है। वहीं दूसरी और आम आदमी कुशासन से त्रस्त है। चिकित्सा, शिक्षा, बिजली पानी से जुड़ी समस्याएं आज भी मुंह बाए खडी है। कानून व्यवस्था प्रदेश में पूरी तरह चौपट हो गई। गृहमंत्री और चिकित्सा मंत्री बचकाने बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में चर्चा हो रही है कि राज्य में कोई सुरक्षित नहीं है। ऐसे में विदेशी राज्य में आने से कतरा रहे हैं। किसान विरोधी होने के कारण हर तरफ से अनुदान को घटाया जा रहा है। पुरानी योजनाओं को नए कलेवर में पेश किया जा रहा है। आम लोगों से जुड़ी कई योजनाओं को बंद कर दिया गया है।

चुनाव में जीत का भरोसा

प्रदेश मे हाल में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। खान घोटाला, एनआरएचएम घोटला, पीएचईडी घोटले सरीखे गंभीर मुद्दों पर सरकार की खामोशी से आमजन में कांग्रेस के लिए प्रगाढ़ता हुई है। इसका नतीजा है कि प्रदेश में तीन स्थानों पर होने वाले बाइलेक्शन में कांग्रेस की शानदार जीत होगी।

बड़े नेताओं की दूरी

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन के बावजूद जिले में दिग्गज कांग्रेस नेताओं ने दूरी बनाई। पूर्व मंत्री राजेन्द्र पारीक व वरिष्ठ नेता परसराम मोरदिया सर्किट हाउस नहीं आए। जिसकी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासी चर्चा रही।

स्वागत समारोह में ये रहे मौजूद

सर्किट हाउस में हुए स्वागत समारोह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला, लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा, नगर परिषद सभापति जीवण खां, प्रवक्ता गोविंद पटेल, सहकारिता प्रकोष्ठ के करणी सिंह सेवदा, पूर्व मंत्री सुभाष महरिया, उपसभापति अशोक चौधरी,धर्मेन्द्र गिठाला, जयंत खीचड़, तनसुख ओला, फूल सिंह ओला, संजय शर्मा, पूरण कंवर, सुनीता गिठाला, प्रेम सैनी आदि मौजूद रहे।

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