जिंदगी की उड़ान से पहले प्रकृति ने लील दी जिंदगी

शनिवार को मध्यप्रदेश में हुई बारिश होने ने सैकड़ों जीवों की लीला समाप्त कर दी । हुआ यह कि चम्बल नदी में बारिश के कारण अचानक पानी बढने से झरेल के बालाजी घाट स्थित बालाजी के यहाँ न केवल श्रद्धालु पानी में फंस गये थे बल्कि बालाजी के यहाँ पर बसेरा वाले पक्षियों के घर भी उजड़ गये । अमेरिकन क्लिफ स्वालो नामक पक्षियों के सैकड़ों की संख्या में मिट्टी के घोंसले बने हुए थे , उनमे नवजात बच्चे और अंडे भी थे । पानी का जल स्तर बढने से मिट्टी के घोंसले पानी में बह गये ।
तबारों में बसी हुई थी पक्षियों की कॉलोनियां हुई तबाह
मंदिर के नीचे बने तबारों की छत के नीचे पक्षियों ने घोसलें बनाकर कॉलोनियां विकसित की हुई थी । जिसमे उनके अंडे और बच्चे भी थे । मादा अबाबील बच्चों के लिए भोजन का बंदोबस्त कर नन्हे बच्चों को खिला रही थी । प्रीव्यूइंडिया की टीम ने रिपोर्टिंग के लिए कवरेज करने के अगले दिन ही अचानक बढ़े पानी ने मिट्टी से बने घोसलों को एक ही बार में तबाह कर दिया ।

इस प्रजाति के पक्षियों का है बसेरा – अमेरिकन क्लिफ स्वालो
अमेरिका,कैलीफोर्निया जैसे देशों में पाए जाने वाले पक्षी है, जिसका हिंदी में नाम शैल अबाबील कहा जाता है । यह पक्षी जलाशयों के समीपस्थ स्थानों पर ढालनुमा चट्टानों के निचली सतह पर घोसलें बनाते है और खास बात यह है कि यह पक्षी गीले कीचड़ से घोसला तैयार करते है।

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संयुक्त कॉलोनी बनाना है आश्चर्यजनक
शैल अबाबील पक्षियों ने बालाजी घाट पर जो घोंसलों की श्रंखला बनाई है उससें ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे की कोई बसी हुई कॉलोनी हो। यह वाकई आश्चर्यजनक है इंसान समय के साथ बदलते परिवेश में एकल परिवार की ओर रुख कर रहे है वही शैल अबाबील जैसे पक्षी अमुक रहकर इंसानों के लिए अच्छा सन्देश छोड़ रहे है।