कथा में कृष्ण रुकमणि विवाह

दूमोदा गाँव में चल रही संगीतमय भागवत कथा में गुरुवार को कथावाचक वैद्यनाथ शास्त्री ने कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई । कथा सुनने आये भक्तगण कृष्ण लीला के प्रवचन सुनकर भक्ति रस में डूबे रहे। कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सजीव झांकी सजाई गयी जिसमें साक्षात श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का स्वयंवर मंच पर प्रस्तुत किया गया। भागवत कथा सुनने आये उपस्थित श्रद्धालुओं पर अमृतवर्षा करते हुए कथावाचक ने उद्धव-गोपी का संवाद सुनाया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने गोपियों को ज्ञान संदेश देने के लिए उद्धव जी को उनके पास भेजा था। पर गोपियों के निष्काम प्रेम ने उन्हें जीत लिया।निष्काम भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ और भगवान की सुपात्रता प्राप्त करने का एकमात्र माध्यम है। रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि कथा और सत्संग के बल पर ही रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को प्राप्त किया। रूक्मिणी-श्रीकृष्ण विवाह में जहां महिलाओं ने विवाह गीत गाए वहीं कन्यादान के रूप में कई वस्तुएं भेंट की। वही भजनों पर श्रोता जमकर थिरकेद्य आयोजन से जुड़े बनवारी जांगिड ने बताया कि कल भगवत कथा के समापन पर पूर्णाहुति होगी , इसके बाद भक्तों को भोजन प्रसादी होगी ,
फोटो 1 भागवत कथा के दौरान उपस्थित श्रोतागण

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फोटो 2 भागवत कथा के दौरान कृष्ण रुक्मणि विवाह के दौरान सजी सजीव झांकी