अब गाँव गाँव लगेंगे दिव्यांग सत्यापन शिविर ,बोंली में 60 को प्रमाण पत्र जारी

चिकित्सा विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित गाँव गाँव में दिव्यांग जनों को सत्यापन करने एवं प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शिविरों का आयोजन शुरू कर दिया है | ज्ञातव्य है कि बौंली ब्लॉक में 1897 दिव्यांग पंजीकृत किए गए है, जिनको सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चिकित्सा विभाग को हस्तांतरित किया गया है। अब चिकित्सा विभाग द्वारा पंजीकृत दिव्यांगजनों का सत्यापन करने एवं प्रमाण पत्र जारी करने का काम है।
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शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित धर्मशाला में सामान्य चिकित्सालय सवाई माधोपुर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामलाल मीना, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.एम. गुप्ता, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. के.जी. लखेरा एवं कान-नाम एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता टटवाल ने पंजीकृत दिव्यांग जनों की जांच की। इसमें से 60 दिव्यांग को 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता होने पर प्रमाण पत्र जारी किए गए। 13 पूर्व में जारी प्रमाण पत्र वालों का सत्यापन किया गया। दो दिव्यांग को उपचार की संभावना को देखते हुए सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के लिए रैफर किया गया। जिन दिव्यांगजनों की विकलांगता 40 प्रतिशत से कम थी उनको प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, जिससे वे निराश होकर लौट गए। रसीद नहीं लाने से कई दिव्यांगजनों को हुई परेशानी: कैंप में जांच करवाने, प्रमाण पत्र लेने के लिए आए दर्जनों दिव्यांगजनों को पंजीयन के समय ई-मित्र द्वारा जारी रसीद नहीं लाने से काफी परेशानी हुई। कई दिव्यांग अपनी रसीद घर पर ही छोड़ आए जबकि शिविर में पंजीयन की रसीद अथवा भामाशाह कार्ड मांगे गए थे। शिविर में ही दिव्यांगजनों की एक्स-रे, ब्लड ग्रुप आदि कई प्रकार की जांच भी की गई। क्या कहते हैं बीसीएमओ: इस संबंध में ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बत्तीलाल मीना ने बताया कि ब्लॉक में 1897 दिव्यांग पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 612 के पूर्व में ही प्रमाण पत्र बने हुए हैं। इनमें से 140 का सत्यापन पूर्व में किया जा चुका है। बिना प्रमाण पत्र वाले 1285 दिव्यांगजनों की जांच का काम चल रहा है। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बौंली में ही विशेषज्ञ टीम द्वारा जांच कर 60 दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। विशेष अपंगता होने पर उनको उचित माध्यम से लाभ दिलवाना है।